मुख्य न्यायाधीश (CJI) की बेंच में बिताए गए दिनों में एक बड़ा फैसला लिया गया है। इस फैसले के तहत, छात्रों के लिए अपनाए गए त्रि-भाषा नीति के खिलाफ दाखिल याचिका पर निर्णय रोक दिया गया है। इस नीति के तहत, छात्रों को तीन भाषाओं में अध्ययन करना पड़ता है, जिसके खिलाफ छात्रों और शिक्षकों के बीच बहस हो रही है।
याचिकाकर्ताओं ने इस नीति को बिना किताबों और बिना योग्य शिक्षकों के लागू करने के खिलाफ उठाया है। इस बारे में बहस के दौरान बहुत सारे तर्क रखे गए हैं। इस नीति के लागू होने से पहले छात्रों के लिए अधिक चुनौतियां आएंगी।
इस फैसले के बारे में अधिक जानकारी आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस बारे में छात्रों और शिक्षकों के बीच अब और अधिक चर्चा हो सकती है।



























