सुप्रीम कोर्ट ने बच्चों में बढ़ती मोबाइल फोन के उपयोग की लत पर गहरी चिंता जताई है। इसके साथ ही खेल को मौलिक अधिकार के रूप में मान्यता प्राप्त कराने और स्कूलों में रोजाना 90 मिनट के खेल कार्यक्रम को अनिवार्य करने की याचिका पर अपना निर्णय लिया है। इस याचिका के बारे में बात करते हुए न्यायालय ने कहा कि बच्चों के लिए खेल एक महत्वपूर्ण गतिविधि है जो उनके विकास में मदद करती है।

इस निर्णय के साथ बच्चों के लिए डिवाइस के उपयोग के सख्त नियम लागू करने की भी संभावना है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए अधिकारियों के साथ चर्चा की जा रही है। इस निर्णय के बारे में अधिक जानकारी आने के बाद आगे की कार्रवाई की गई जाएगी।