सरकार ने यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) पर एमडीआर (Merchant Discount Rate) के लिए एक नए मॉडल का अपना तय किया है। इसमें 2000 रुपये से ज्यादा के पेमेंट पर एमडीआर को एक समान नहीं रखा गया है। इसके बजाय, कुछ खास पेमेंट पर फ्लैट रेट मॉडल लागू किया गया है, जहां फिक्स्ड एमडीआर वसूला जाएगा।

इस नए मॉडल के तहत, विभिन्न पेमेंट के लिए एमडीआर की रकम अलग-अलग हो सकती है। इसके बारे में अधिक जानकारी देते हुए, सरकार ने इस नीति के लागू होने की तारीख के बारे में भी जानकारी दी है। इस नीति के लागू होने के बाद, विभिन्न बैंकों और डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्मों को इस नए मॉडल के तहत अपने एमडीआर की गणना करनी होगी।

इस नए मॉडल के तहत, व्यापारियों को एमडीआर की रकम के बारे में अधिक स्पष्टता मिलेगी। इससे व्यापारियों के लिए खर्च के बारे में अधिक स्पष्टता होगी। इसके अलावा, इस नीति के लागू होने से यूपीआई के लिए एमडीआर की गणना के तरीके में बदलाव आएगा।