पितृ पक्ष 2026 की शुरुआत भाद्रपद माह की पूर्णिमा से होगी और आश्विन माह की अमावस्या तक चलेगा। इस अवधि में 16 दिन विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व रखते हैं। हिंदू धर्म में इस अवधि को श्राद्ध पक्ष के रूप में जाना जाता है, जहां परिवार के सदस्य पूर्वजों के लिए विशेष पूजा और यज्ञ करते हैं। इस अवधि के दौरान लोग अपने पूर्वजों के लिए श्राद्ध करते हैं और उनकी आत्मा के लिए दुआ करते हैं।
इस अवधि के दौरान लोग अपने परिवार के साथ विशेष धार्मिक गतिविधियां आयोजित करते हैं। इन दिनों में श्राद्ध और यज्ञ के अलावा अन्य धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। इस अवधि के दौरान लोग अपने पूर्वजों के लिए विशेष भोजन बनाते हैं और उन्हें अर्पित करते हैं। इस अवधि के दौरान लोग अपने परिवार के साथ विशेष ध्यान और प्रार्थना करते हैं।













