न्यायाधीश दीपांकर दत्ता ने एसईसी (चुनाव आयुक्त) चयन पैनल में शामिल मंत्री के चुनावी दृष्टिकोण पर चेतावनी जताई। उन्होंने एक विभाजित फैसले में कहा कि चुनावी अभियोजन के बारे में अपनी राय देने वाले व्यक्ति के चुनावी दृष्टिकोण के आधार पर उनकी नियुक्ति के बारे में संदेह उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने क्रिकेट मैच का उदाहरण देकर कहा कि अगर एक टीम के कप्तान अंपायर का चुनाव करता है तो इससे न्याय के निष्पादन में विश्वास खोए जाने की संभावना हो सकती है।

इस बारे में एक अखबार की रिपोर्ट में बताया गया कि चयन पैनल में शामिल मंत्री के चुनावी दृष्टिकोण के कारण उनकी नियुक्ति पर संदेह उत्पन्न हो रहा है। न्यायाधीश दत्ता ने इस बारे में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि चुनावी अभियोजन के बारे में अपनी राय देने वाले व्यक्ति के चुनावी दृष्टिकोण के आधार पर उनकी नियुक्ति के बारे में चिंता व्यक्त की जानी चाहिए।