हूती विद्रोहियों के ड्रोन और मिसाइलों ने सऊदी अरब के आधुनिक एयर डिफेंस प्रणालियों को चुनौती देने लगे हैं। इसके बावजूद सऊदी अरब के पास अमेरिकी पैट्रियट और थाईएड जैसे उच्च तकनीकी रक्षा प्रणालियां हैं। हालांकि, इन प्रणालियों के बावजूद हूती ड्रोन ने अपनी आक्रामकता के कई मामलों में सफलता हासिल की है।
इन ड्रोनों की लागत कम होती है लेकिन उनकी तकनीकी क्षमता बहुत अच्छी होती है। इसके कारण उनका उपयोग अत्यधिक खतरनाक हो रहा है। सऊदी अरब के विशेषज्ञों के मुताबिक, इन ड्रोनों के खिलाफ इंटरसेप्टर मिसाइलों के उपयोग की लागत बहुत अधिक होती है।
इस चुनौती के पीछे एक लंबे समय से चल रहे युद्ध के बारे में बात करते हुए कहा जा सकता है कि यह एक नए तरह के युद्ध के बारे में है। इसमें छोटे और सस्ते हथियारों के उपयोग ने रक्षा प्रणालियों के खिलाफ एक नए चुनौती का उदय कर दिया है।






















