प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस जाने का न्योता स्वीकार कर लिया है। इस बारे में उन्होंने अपने बयान में जानकारी दी है। भारत और रूस के बीच व्यापार के लक्ष्य को 65 अरब डॉलर से बढ़ाकर 100 अरब डॉलर तक कर दिया गया है। मोदी ने यूक्रेन की स्थिति पर चर्चा करने के लिए रूस में जाने के लिए अपनी सहमति दर्ज कर ली है।

भारत और रूस के बीच राजनीतिक संबंध अब और मजबूत हो रहे हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार वृद्धि के लक्ष्य के साथ आर्थिक सहयोग बढ़ाने की योजना है। मोदी के रूस जाने से दोनों देशों के बीच बातचीत के अवसर बढ़ेगे। इस बातचीत में यूक्रेन की स्थिति भी महत्वपूर्ण रूप से चर्चा की जाएगी।

इस बातचीत के दौरान दोनों देशों के बीच अपने राजनीतिक और आर्थिक संबंधों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। भारत और रूस के बीच व्यापार लक्ष्य के बढ़ा देने से दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग में एक नया चरम पहुंच आएगा।